बुजुर्ग को थप्पड़ मारने पर पुलिसकर्मी सस्पेंड
राजस्थान के भरतपुर में एक बुजुर्ग शख्स को थप्पड़ मारना एक सहायक उप पुलिस निरीक्षक (एएसआई) पर भारी पड़ गया. राजस्थान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एएसआई जगदीश सागर को निलंबित कर दिया है. आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ एक्शन जिला पुलिस अधीक्षक हैदर अली ने लिया.
आरोपी पुलिसकर्मी विभागीय कार्य के चलते जिले से बाहर है, उससे संपर्क नहीं हो पा रहा है. बुजुर्ग शख्स के साथ पुलिसकर्मी ने ज्यादती क्यों की इस मामले में अधिकारी के आने के बाद ही खुलासा हो सकेगा. मामले की पूरी जांच के लिए एसपी हैदर अली जैदी ने कहा था कि इस मामले की जांच कराई जाएगी.
दरअसल, राजस्थान के भरतपुर में पुलिस की कार्यशैली पर एक घटना के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं. राजस्थान पुलिस के सहायक उप निरीक्षक ने बुधवार को बुजुर्ग शख्स को थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद बुजुर्ग शख्स जमीन पर गिर पड़ा. इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
दरअसल बुजुर्ग अपनी पत्नी के साथ बाजार आया हुआ था, तभी किसी बात को लेकर वहां से गुजर रहे पुलिसकर्मी ने बुजुर्ग के साथ गाली गलौज की और फिर पुलिस वाले ने उस बुजुर्ग को जमकर थप्पड़ मार दिया.
थप्पड़ खाकर बुजुर्ग शख्स सड़क पर ही गिर पड़ा और काफी देर तक वह खड़ा भी नहीं हो सका. थानेदार की ज्यादती की यह पूरी घटना सड़क किनारे स्थित एक दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. बुधवार से ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
यह मामला रुदावल कस्बे का है, जहां करीब तीन दिन पहले एक बुजुर्ग शख्स बाजार में अपनी पत्नी के साथ किसी काम से आया था. वहीं रुदावल थाने पर तैनात सहायक पुलिस सब इंस्पेक्टर जगदीश सागर सड़क से गुजर रहा था और वहां किसी बात को लेकर पुलिस वाले ने बुजुर्ग व्यक्ति को रोक लिया.
सब इंस्पेक्टर ने बुजुर्ग शख्स से गाली-गलौज करने लगा, जिसका जवाब बुजुर्ग दे रहा था. पुलिसकर्मी ने बुजुर्ग व्यक्ति को जोर का थप्पड़ उसके गाल पर जड़ दिया.
थप्पड़ इतना तेज था की बुजुर्ग व्यक्ति वहीं सड़क पर पड़ा का पड़ा ही रह गया. इसके अलावा वहां मोटरसाइकिल पर पुलिस वर्दी में उसी थाने का एक अन्य पुलिसकर्मी भी खड़ा था जो पूरा नजारा देख रहा था. उसने भी बुजुर्ग को बचाने की कोशिश तक नहीं की.
पुलिस कर्मी द्वारा बुजुर्ग की पिटाई का वीडियो वायरल होने पर लेकर जिला पुलिस अधीक्षक हैदर अली जैदी ने कहा था कि जैसे ही मामला मेरे संज्ञान में आएगा, कार्रवाई की जाएगी, लेकिन अब तक इसकी जानकारी नहीं मिली है. हालांकि जैसे ही मामला संज्ञान में आया, आरोपी पुलिसकर्मी को सस्पेंड कर दिया गया. मामले की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया था.